धूल मिट्टी खाने को मजबूर है व्यापारी और राहगीर

अगर आप कोटपूतली नीमकाथाना सड़क मार्ग पर सफर कर रहे हैं तो ग्राम नारेहडा की सीमा में प्रवेश करते ही धूल मिट्टी के गुब्बार और गड्डो में तब्दील सड़क से होकर गुजरना पड़ेगा। सड़क की हालत को देखकर आप शासन प्रशासन को कोसते नजर आएंगे। नारेहडा बस स्टैंड से दोनों साइड एक एक किलोमीटर तक सड़क पर उड़ती धूल मिट्टी दुकानदारों एवं राहगीर के लिए नासूर बनी हुई है। कहने को तो 3 करोड़ 68 लाख की लागत से इस सड़क का निर्माण होना था। लेकिन योजनाओं के मकड़ जाल के चलते सड़क की एक लाइन बनने के बाद निर्माण कार्य को बंद कर दिया गया। ऐसे में अब अधूरा सड़क निर्माण यहां के लोगों के लिए जीका जंजाल बना हुआ है। उबड़ खबर सड़क के चलते दिन भर यहां जाम की स्थिति रहती है। इतना ही नहीं दुकानदार श्रास, दमा, एलर्जी से बचने के लिए मुंह पर मास्क लगाए रहते हैं। इस सड़क की मरम्मत को लेकर दो बार धरना प्रदर्शन कर चुके ग्रामीण द्वारा अधूरे सड़क निर्माण को पूरा करवाने की मांग को लेकर जल्द कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा। ग्रामीणों ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि जल्द सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इससे पहले भी सड़क मरम्मत की मांग को लेकर समाजसेवी राधेश्याम शुक्लावास के नेतृत्व में गत 17 जून से 21 जून 2024 तक धरना प्रदर्शन किया गया था। तब प्रशासन के लोग 1 जुलाई 2024 से सड़क की मरम्मत का काम शुरू करवाई जाने का आश्वासन देखकर धरना समाप्त करवाया था। इसके बाद 21 जुलाई को फिर सड़क का चक्का जाम किया। आखिरकार 3 करोड़ 68 लाख की लागत के टेंडर हुये और सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया। किंतु अब एक साइड की लाइन बनने के बाद एकाएक काम को बंद कर दिया गया। जिससे यहां के लोगों की मुसीबतें और बढ़ गई।

